साथी से आप क्या उम्मीद रख सकती हैं
- समय की पाबंदी और सलीक़े से तैयार रहना
- आपकी तय की गई सीमाओं का बिना किसी अपवाद के सम्मान
- आपके और आपके साथ बीते वक़्त के बारे में गोपनीयता
- ध्यान से सुनने वाली, बिना राय थोपे बातचीत
- किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं
आपसे क्या अपेक्षित है
साथ दोतरफ़ा शिष्टाचार है। अपने साथी के साथ वैसा ही सम्मान रखना, यह साफ़ बताना कि आप क्या चाहती हैं, और तय योजना पर टिके रहना — इससे वक़्त दोनों के लिए बेहतर बनता है। सीमाएँ साथी की भी उतनी ही हिफ़ाज़त करती हैं जितनी आपकी।

सीमाएँ पहले ही तय कर लीजिए
अहम बातें मिलने से पहले तय कर लीजिए — वे विषय जिनसे आप बचना चाहती हैं, साथ कितना अपनापन भरा या कितना औपचारिक दिखे, और दूसरों से आपका परिचय कैसे कराया जाए। सब कुछ पहले तय हो जाने पर वक़्त अपने आप आसानी से बीतता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मैं अपनी सीमाएँ ख़ुद तय कर सकती हूँ?
हाँ — यही तो पूरी बात है। सीमाएँ आप मिलने से पहले तय करती हैं और अच्छा साथी उनका पूरा सम्मान करता है।
क्या साथियों की भी सीमाएँ होती हैं?
बिलकुल। इस सेवा में कुछ भी यौन नहीं होता और यह सम्मान पर टिकी है, जो दोनों पक्षों की हिफ़ाज़त करता है।
अगर कोई सीमा लाँघी जाए तो?
आप बुकिंग तुरंत ख़त्म कर सकती हैं। भरोसेमंद एजेंसी ऐसी हर शिकायत को गंभीरता से लेती है।
